Friday, January 16, 2009

संबंधों की गहराई तय करते सुर्ख़ लब

Posted on 11:34 PM by Rao Gumansingh


कहते हैं कि एक तस्वीर हज़ार शब्दों के बराबर होती है लेकिन क्या एक चुंबन हज़ार बातें कह सकता है....युवतियों की मानें तो शायद हां...

एक अमरीकी विश्वविद्यालय में युवाओं के बीच किए गए एक शोध में यह बात सामने आई है कि युवतियां संबंधों के निर्धारण में चुंबन को सबसे अधिक महत्व देती हैं.

न्यूयॉर्क राज्य विश्वविद्यालय की एक टीम ने लगभग 1000 विद्यार्थियों से इस बारे में सवाल पूछे.

इवोल्यूशनरी साइकोलॉजिस्ट नाम के जर्नल में छपे शोध में कहा गया है कि लड़कियाँ संभावित साथी को समझने के लिए चुंबन को एक तरीके के रूप में अपनाती हैं और इसी आधार पर संबंधों की घनिष्ठता का स्तर तय करती हैं.

वहीं दूसरी तरफ पुरुषों ने चुंबन को कम महत्व दिया और इसे सिर्फ़ शारीरिक संबंध बनाने से जोड़कर देखा.

शोध के दौरान पता लगा कि पुरुष इस बारे में बहुत भेदभाव नहीं करते कि किसका चुंबन ले रहे हैं या किस के साथ शारीरिक संबंध बना रहे हैं.

महत्व

शोध में पाया गया कि पुरुष किसी के भी साथ शारीरिक संबंध बनाने पर राज़ी थे. पुरुषों ने चाहे दूसरे साथी का चुंबन न लिया हो, उसके प्रति आकर्षित न हों या उसे ख़राब चुंबन करने वाला समझते हों फिर भी वो शारीरिक संबंध बनाने के लिए सहमत थे.

लंबे समय के संबंधों में महिलाओं ने चुंबन को पुरुषों से अधिक महत्व दिया और कहा कि पूरे संबंध के दौरान चुंबन का बहुत महत्व होता है.

वहीं पुरुषों का कहना था कि जैसे-जैसे संबंध पुराना होता जाता है वैसे-वैसे चुंबन का महत्व और कम होता जाता है.

महिलाओं और पुरुषों में चुंबन के तरीके को लेकर भी अंतर देखने को मिला.

शीर्ष शोधकर्ता डॉक्टर गॉर्डन गैलप ने कहा कि समय के साथ चुंबन प्रेम-संबंध का एक ज़रूरी हिस्सा बन गया है.

लेकिन उन्होंने यह भी कहा, "महिलाओं और पुरुषों दोनों ही चुंबन से फ़ायदा पाते हैं लेकिन जीवनसाथी की खोज में चुंबन के महत्व पर दोनों में अलग-अलग राय देखने में मिली."

तो फिर युवक हों या युवती...आपको भी चुंबन पर ध्यान देना पड़ सकता है.

 
 

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