Tuesday, November 10, 2009

चेतक" को लगे पंख

Posted on 4:49 AM by Rao Gumansingh

अहमदाबाद । "चेतक" को पंख लग गए। अब वह डाक के जरिए देश भर में उड़ सकता है।यहां चेतक से मतलब है भारतीय नस्ल के लुप्तप्राय घोड़े। चेतक महाराणा प्रताप का जांबाज घोड़ा था और काठियावाडी था। भारतीय डाक विभाग ने सोमवार को काठियावाडी-मारवाड़ी समेत घोड़ों की चार लुप्तप्राय नस्लों पर डाक टिकट जारी किया। यहां आयोजित एक समारोह में केन्द्रीय डाक सचिव राधिका दोराईस्वामी ने यह डाक टिकट जारी किया। इस डाक टिकट पर काठियावाडी, मारवाड़ी, जंसकारी और मणिपुरी घोड़े हैं, जो भारत में लुप्तप्राय होते जा रहे हैं। अहमदाबाद में कार्यरत डाक विभाग के अधिकारी संदीप ब्र±मभट्ट के विशेष प्रयासों से भारतीय नस्ल के घोड़ों पर डाक टिकट जारी हुआ है। लोकार्पण समारोह में गुजरात डाक परिमंडल की मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल करूणा पिल्लै समेत डाक विभाग और उससे जुड़े फिलाटेलिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। समारोह को सम्बोधित करते हुए राधिका दोराईस्वामी ने जहां संदीप ब्र±मभट्ट के प्रयासों की सराहना की, वहीं इस बात पर खुशी जाहिर की कि डाक विभाग ऎसे घोड़ों पर डाक टिकट जारी कर रहा है, जिनको बचाने की आज महती आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि डाक टिकट जारी होने से लोगों में इन घोड़ों के संरक्षण के प्रति जागरूकता आएगी। इससे पहले संदीप ब्र±मभट्ट ने कहा कि डाक विभाग जब कोई डाक टिकट जारी करता है, तो वह फौरी तौर पर नहीं, बल्कि गहन मंथन के बाद होता है। ऎसे में जिस किसी पर भी डाक टिकट जारी होता है, उसकी महत्ता को स्वयं समझा जा सकता है। वे इसके लिए पिछले पांच वर्षो से प्रयास कर रहे थे और आज जाकर उनके प्रयास साकार हुए हैं, तो इससे भारतीय नस्ल के घोड़ों की महत्ता अपने आप स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि यह और भी गर्व की बात है कि जिन चार नस्लों के घोड़ों पर टिकट जारी हो रहा है, उनमें काठियावाडी भी शामिल है

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